किसान
भारत एक कृषि प्रधान देश है
निबंध का पहला वाक्य
याद है ना
भूलना नहीं
दो जून की रोटी के बिना
राजा और रंक एक ही हैं
देश के लहलहाते खेत
किसीने अपने पसीने से सींचे है
पूस की रात में ठिठुरता हल्कू
कड़कती धूप में हल चलाता सुजान भगत
वही हैं
जिनकी बदौलत
आत्मनिर्भर होने का दम भरते हो
ये वही हैं जो 'जय जवान, जय किसान' का नारा नहीं लगाते
इनके पूत सीमा को अपने खून से सींचते हैं
और मिट्टी को अपनी देह का नमक दे
उर्वरक बनाते हैं
कर्ज में डूबा देश का ये किसान वही है
जिसका ऋण हम दबाए बैठे हैं...
रुचि शुक्ला

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